होगा तेरा खून,
रोयेंगे तेरे साथी भी,
लिख के ले ले, मुझपे बुराई बरसाके पसतायेगी तू ज़रूर.
तक़दीर.
तेरी वजसे जो मार खाई है ज़िन्दगी की,
अगर गलती से भी तेरी नज़र हटी,
तो सीधे तेरी जान जयेगी ज़रूर.
लिख के ले ले, मेरी रातो की नींद हराम कर के पसतायेगी तू ज़रूर.
तक़दीर.
कसूर तेरा है या मेरा,
मे नहीं जनता.
वजूद तेरा है या मेरा,
मे नहीं जनता.
अगर मेरा दिन आया तो तेरा वजूद गया,
और अगर वो ना आया तो मेरा वजूद गया.
लिख के ले ले, मुझे हरा ने की कोसिस कर के पसतायेगी तू ज़रूर.
तक़दीर.