मे तो समय का मुसाफिर हु.

मे तो समय का मुसाफिर हु.उसके हसने – रुलाने वाले स्वभाव से वाकिफ हु.मे तो समय का मुसाफिर हु. कभी गिरता हु,तो कभी उठता हु.कभी बिछड़ता हु,तो कभी मिलता हु.कभी खो जाता हु,तो कभी सही हो जाता हु.कभी डर जाता हु,तो कभी भीड़ जाता हु.कभी सहेमासा जाता हु,तो कभी खुल जाता हु.कभी बेवक़ूफ़ बन जाता […]